Semicon India 2025 :2025 का साल भारतीय सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए मील का पत्थर साबित हो रहा है। Semicon India 2025, जो 2–4 सितंबर 2025 को नई दिल्ली के Yashobhoomi (IICC) में आयोजित हुआ, ने देश को वैश्विक चिप सप्लाई चेन में एक मजबूत मोर्चे पर स्थापित करने का संकल्प दिखाया है (Semicon India, Navbharat Times, The Economic Times)।
इस तीन दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य सिर्फ एक प्रदर्शनी आयोजित करना नहीं था—बल्कि यह भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम, तनख्वाह प्रशिक्षित मानव संसाधन, नवोन्मेष और निवेश को बढ़ावा देने का मंच था (Navbharat Times, Devdiscourse, Indian Masterminds)।
Semicon India 2025 : “Designed & Made in India, Trusted by the World”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि:
“जब दुनिया ‘चिप’ की ताकत के साथ भविष्य बनाएगी, तो उसमें भारत भी अग्रणी भूमिका निभाएगा—एक छोटा सा हो सकता है, लेकिन इसका प्रभाव विश्व पर पड़ेगा।” (The Economic Times, The Tribune)
इस वर्ष का मुख्य विषय था: “Designed & Made in India, Trusted by the World”, जो भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता और भरोसेमंदता को दर्शाता है
Vikram: भारत का पहला स्वदेशी 32-bit माइक्रोप्रोसेसर
Semicon India 2025 : Vikram नामक यह 32-bit माइक्रोप्रोसेसर ISRO के Semiconductor Laboratory, Mohali द्वारा विकसित किया गया है। यह अत्यधिक कठिन परिस्थितियों—विशेषकर लॉन्च वाहन की पर्यावरणीय स्थितियों—में काम करने के लिए प्रमाणित है
सम्मेलन में इलेक्ट्रॉनिक्स व IT मंत्री अश्वनी वैष्णव ने यह चिप प्रधानमंत्री को भेंट की, जो भारत की टेक्नोलॉजी आत्मनिर्भरता का प्रतीक है
भारत का सेमीकंडक्टर मानचित्र: परियोजनाएँ और निवेश
10 स्वीकृत सेमीकंडक्टर इकाइयाँ
India Semiconductor Mission (ISM) ने दस सेमीकंडक्टर यूनिट्स को मंजूरी दी है, जो केन्द्र एवं राज्य सरकार की सब्सिडी से समर्थित हैं
प्रमुख औद्योगिक परियोजनाएँ
- Tata Semiconductor Assembly & Test (TSAT), जहां Jagiroad, Assam में ₹27,000 करोड़ का निवेश, प्रतिदिन 48 मिलियन चिप्स का निर्माण: इस परियोजना से 25,000–30,000 नौकरियों का सृजन होने की संभावना है ।
- Micron का ATMP यूनिट, Sanand, Gujarat में विकसित
- Kaynes Technology ATMP यूनिट, Gujarat, ₹3,307 करोड़ का निवेश, प्रतिदिन 6.3 मिलियन चिप्स उत्पादन
- HCL-Foxconn की यूनिट, Jewar, Uttar Pradesh, 20,000 वेफ़र्स प्रति माह (3.6 करोड़ चिप्स), 2,000 नौकरियाँ—भारत के 6वें अनुमोदित सेमीकंडक्टर यूनिट
वित्तीय सहायता योजनाएँ
- Semiconductor Fabs, Display Fabs, Compound Semiconductors & ATMP/OSAT योजनाओं के तहत 50% तक सब्सिडी
- Design Linked Incentive (DLI) स्कीम: ₹1000 करोड़ का प्रावधान, 22 स्टार्टअप्स को ₹234 करोड़ मिले चुके हैं
वैश्विक सहभागिता और अंतरराष्ट्रीय पवेलियन
Semicon India 2025 में अब तक का सबसे व्यापक अंतरराष्ट्रीय भागीदारी देखने को मिली:
- पहले बार चार अंतरराष्ट्रीय पवेलियन: जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, और मलेशिया
- आठ देशवार राउंडटेबल आयोजित किए गए, जो वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देते हैं (Devdiscourse, Indian Masterminds)।
- 300+ कंपनियाँ, 18 देशों, 350+ प्रदर्शक, 2,500+ प्रतिनिधि, 150+ वक्ता सम्मेलन में शामिल थे (mint, The Tribune, Financial Express)।
कौशल विकास एवं मानवीय पूंजी
- 85,000 सेमीकंडक्टर-प्रशिक्षित पेशेवर तैयार करने की योजना, जिसमें इंजीनियर, तकनीशियन, R&D विशेषज्ञ शामिल हैं (Semicon India, The Tribune)।
- Future Skills Program — मध्य प्रदेश में 20,000 इंजीनियरों को सेमीकंडक्टर स्किल्स पर प्रशिक्षित करने का MoU (Plutus IAS)।
- Lam Research & IISc के साथ MoU: Semiverse प्लेटफॉर्म से 60,000 इंजीनियरों को प्रशिक्षण (Plutus IAS)।
- IBM और Purdue University जैसे संस्थानों के साथ अनुसंधान और इंटर्नशिप सहयोग (Plutus IAS)।
- Chips to Startup (C2S) प्रोग्राम से 85,000 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण और प्रयोगात्मक सुविधा (Reddit)।
उद्योग में चुनौतियाँ: रोजगार में गिरावट, लेकिन विशेषज्ञता की मांग उच्च
Semicon India 2025 – 2024–25 में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में नौकरियों में लगभग 15% गिरावट आई—3,760 से घटकर 3,181 (The Times of India)।
हालाँकि, VLSI, एम्बेडेड सिस्टम, एनालॉग डिज़ाइन, EDA टूल्स, process engineering, yield analysis, data engineering, और cybersecurity जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञों की मांग जारी है (The Times of India)।
सरकार की Skilling योजनाएँ, जैसे Semicon India, Chips to Startup, SMART Labs, और AICTE का VLSI करिक्युलम, भविष्य के तैयार टैलेंट पाइपलाइन के लिए महत्वपूर्ण आधार हैं (The Times of India)।
डिजिटल आत्मनिर्भरता और आत्मनिर्माण का मार्ग
प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन में जोर देकर कहा कि भारत अब सिर्फ उपयोगकर्ता नहीं, बल्कि “रचनाकार (creator)” बन चुका है (The Tribune, The Times of India)।
Semicon India 2025 सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका उद्योग, अर्थव्यवस्था और वैश्विक विश्वास का प्रतीक बन चुकी है।
निष्कर्ष
Semicon India 2025 : ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत अब सेमीकंडक्टर क्षेत्र में वैश्विक खिलाड़ी बनने की राह पर है—दोनों उत्पादन (make) और डिज़ाइन (design) की श्रृंखला में। ₹76,000 करोड़ की योजना, घरेलू चिप निर्माण, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, और मानव पूंजी में निवेश ने भारत को चिप निर्माण के मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण मुकाम पर पहुंचा दिया है।